Kavitayein-Aur-Kahaniyan

Dog tags and red poppy

पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा चाह नहीं मैं सुरबाला के                  गहनों में गूँथा जाऊँ,चाह नहीं, प्रेमी-माला में                  बिंध प्यारी को ललचाऊँ,चाह नहीं, सम्राटों के शव                  पर हे हरि, डाला जाऊँ,चाह नहीं, देवों के सिर पर                  चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ।मुझे तोड़ लेना वनमाली!                  उस पथ पर देना तुम …

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Happy Diwali. Diya oil lamp against dark background, top view,

है अंधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है

है अंधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है । यह कविता भारत के प्रसिद्ध कवि डा. हरिवंशराय बच्चन द्वारा लिखी गई है। इस कविता मे कवि ने निराशा की घड़ी मे आशा की किरन जगाने की प्रेरणा दी है। कवि यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर कोई आशा टूट जाती है …

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